अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो..

कब तक वो नज़रें  मुझे  नज़रों से लूटेंगी ,कब तक मेरी आज़ादी का दम घोटेंगी । क्यूँ है मेरी आज़ादी पे प्रश्नचिन्ह ,क्यूँ सदियां बदली पर बदली ना मेरे प्रति सोच । औरत हूँ, मर्द से कमतर समझी जाती हूँ ,अपने अस्तित्व अपने मान के लिए हर पल जल जल जाती हूँ । लोगों  की  ये  सोच  हर … Read More