Category: women

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अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो..

कब तक वो नज़रें  मुझे  नज़रों से लूटेंगी ,कब तक मेरी आज़ादी का दम घोटेंगी । क्यूँ है मेरी आज़ादी पे प्रश्नचिन्ह ,क्यूँ सदियां बदली पर बदली ना मेरे प्रति सोच । औरत हूँ, मर्द से कमतर समझी जाती हूँ ,अपने अस्तित्व अपने मान के लिए हर पल जल जल जाती हूँ । लोगों  की  ये  सोच  हर […]

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नारी

अर्धनारीश्वर की शक्ति है वो ,स्रजनकर्ता की अद्भुत रचना ।माँ के रूप में ममता की सूरत ,निश्छल प्यार की वो दैवीय मूरत । ठान ले तो बन जाये शक्ति ,करे दानवों की जीवन से मुक्ति । स्रष्टि के सृजन का अभिन्न अंग ,अपनी उदारता से कर दे वो विश्व को दंग । कोमलता में हारे पुष्प भी उससे […]

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निर्भया

मेरे भी कुछ सपने थे,  जो मेरी इन अखियों ने बुने थे, मेरे माँ – बाबू की साँस थी मै ,उनके ताउम्र परिश्रम का ताप थी मैं .ज़िन्दगी जीने की हकदार थी मैं, कुछ बनने  की तमन्ना में ,हर मुश्किल से जूझ कर ,हर अश्क़ पीने को तैयार थी मैं .ना मालूम किस जुर्म की सज़ा मिली मुझे […]

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