Category: justice

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India’s Daughter – Fight for Justice

मैं एक फूल या तराशा हुआ पत्थर या एक वस्तु ना थी , थी एक जीती जागती इंसान जिसमे सांसें धड़कती थीं । क्या था मेरा दोष जिसकी ऐसी सज़ा सामने आई ?या मैं ये समझूँ कि “लड़की” होने की मैंने कीमत चुकाई । ये दुनिया ये लोग तब भी मेरी मदद ना कर पाये ,पर आज […]

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निर्भया

मेरे भी कुछ सपने थे,  जो मेरी इन अखियों ने बुने थे, मेरे माँ – बाबू की साँस थी मै ,उनके ताउम्र परिश्रम का ताप थी मैं .ज़िन्दगी जीने की हकदार थी मैं, कुछ बनने  की तमन्ना में ,हर मुश्किल से जूझ कर ,हर अश्क़ पीने को तैयार थी मैं .ना मालूम किस जुर्म की सज़ा मिली मुझे […]

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