Category: Hindi Poem

Hindi Poem Nostalgia poetry

क्यूँ झट बड़े हो गए!

कल ही तो थे छोटे से ,क्यूँ झट बड़े हो गए ।बचपन की दहलीज लांघ कर ,कब बचपने से दूर हो गए । ना रही वो बेफिकरी दुनिया ,जो जीती थी संग गुड्डे गुड़िया। एक टॉफी खुश कर देती थी ,उस नन्हे से दिल को संतुष्ट करती थी । जब मम्मी सुनाती थी बाल कहानियां ,और […]

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Hindi Poem poetry

ये आखें …

ये आखें कितना कुछ कह जाती हैं, बिन कहे ही कहानियां बयां कर जाती हैं ।  सपनो का , ख्वाहिशों का, और , प्यार भरे अफ़्सानो का चित्रण कर जाती हैं ।  खुली रह के बेबाक सपने दिखा जाती हैं , और मन को नयी जोश उमंगें भर जाती हैं ।  बंद हो करके भी […]

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Hindi Poem poetry

ज़ज्बात

चाँद सा नूर हो तुम ,मेरे जीने का सुरूर हो तुम । हर पल सोचती हूँ तुम्हे इस क़दर ,कि खुद की रहती ना कुछ ख़बर । तेरा अक्स रहे इन निगाहों में हर दम ,आखें मीचे चलूँ तेरी ओर मै हर क़दम । तेरी बातें करती हैं मेरी ज़िंदगी को खुशनुमा ,तुझे ही ऱब […]

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नारी

अर्धनारीश्वर की शक्ति है वो ,स्रजनकर्ता की अद्भुत रचना ।माँ के रूप में ममता की सूरत ,निश्छल प्यार की वो दैवीय मूरत । ठान ले तो बन जाये शक्ति ,करे दानवों की जीवन से मुक्ति । स्रष्टि के सृजन का अभिन्न अंग ,अपनी उदारता से कर दे वो विश्व को दंग । कोमलता में हारे पुष्प भी उससे […]

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